VBN/ आसिफ अंसारी
दिल्ली: दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। कमिश्नर ने अब जिलों के पुलिस उपायुक्तों (DCP) को अपनी टीम चुनने की पूरी आजादी दे दी है। इस नए आदेश के बाद, अब DCP अपने जिले में इंस्पेक्टर रैंक से लेकर सिपाही तक के कर्मियों की तैनाती अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार किसी भी यूनिट में कर सकेंगे
क्या बदला है इस नए आदेश से?
इससे पहले तक जिलों के DCP के पास सीमित अधिकार थे। वे केवल कॉन्स्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर (SI) स्तर के कर्मियों का ही जिले के भीतर तबादला या तैनाती कर सकते थे। इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारियों की पोस्टिंग के लिए अक्सर मुख्यालय या वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति की आवश्यकता होती थी।
अब अधिकारों के इस विकेंद्रीकरण से DCP को निम्नलिखित शक्तियाँ मिल गई हैं:
पसंद के इंस्पेक्टर की नियुक्ति: थाने के SHO या जिले की स्पेशल यूनिट्स में इंस्पेक्टरों की तैनाती अब सीधे DCP कर सकेंगे।
पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण: सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक, पूरी टीम अब सीधे तौर पर DCP के विजन के अनुरूप काम करेगी।
इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य*
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से जिलों में ‘कमान और नियंत्रण’ (Command and Control) की स्थिति मजबूत होगी। इस बदलाव के पीछे मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:
1.स्वतंत्रता और जवाबदेही: जिले की कप्तानी करते समय DCP को खुलकर काम करने का मौका देना, ताकि वे अपनी रणनीति के अनुसार सफल हो सकें।
2.भरोसेमंद स्टाफ: कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) जैसे गंभीर मामलों से निपटने के लिए एक ऐसी टीम की जरूरत होती है, जिस पर अधिकारी को पूर्ण विश्वास हो।
3.बेहतर परफॉरमेंस:जब DCP के पास अपनी टीम चुनने की आजादी होगी, तो वे जिले की विशिष्ट चुनौतियों (जैसे स्नैचिंग, ड्रग्स या गैंगवार) के हिसाब से सही अधिकारी को सही जगह तैनात कर पाएंगे।निष्कर्ष,
दिल्ली पुलिस के इस फैसले को पुलिसिंग में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल जमीनी स्तर पर काम में तेजी आएगी, बल्कि आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बेहतर रणनीति भी बनाई जा सकेगी। अब सीधी जिम्मेदारी जिलों के DCP की होगी कि वे अपने पास उपलब्ध संसाधनों और स्टाफ का उपयोग कर कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करें।



